यह योजना भारत सरकार की गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए चलाई जाती है।
इसका उद्देश्य गर्भावस्था के दौरान महिला को पोषण, आराम और आर्थिक सहायता देना है ताकि माँ और बच्चे दोनों स्वस्थ रहें।सरकार इस योजना के तहत सीधे बैंक खाते में पैसे (DBT) भेजती है।
योजना का उद्देश्य
गर्भवती महिलाओं को आर्थिक सहायता
गर्भावस्था के समय सही पोषण
सुरक्षित प्रसव (Safe Delivery) को बढ़ावा
कुपोषण कम करना
योजना में कितने पैसे मिलते हैं?
सरकार कुल ₹5,000 देती है (पहले बच्चे के लिए)
यह पैसा 3 किस्तों में मिलता है:
1️⃣ पहली किस्त – ₹1,000
→ गर्भावस्था रजिस्ट्रेशन (आंगनवाड़ी/सरकारी अस्पताल)
2️⃣ दूसरी किस्त – ₹2,000
→ कम से कम एक प्रसवपूर्व जांच (ANC Checkup)
3️⃣ तीसरी किस्त – ₹2,000
→ बच्चे के जन्म के बाद टीकाकरण रजिस्ट्रेशन
कौन पात्र है? (Eligibility)
गर्भवती महिला (19 वर्ष या अधिक)
पहले जीवित बच्चे के लिए लागू
सरकारी नौकरी वाली महिला पात्र नहीं
आयकर देने वाली महिला पात्र नहीं
जरूरी दस्तावेज
आधार कार्ड
बैंक पासबुक
मोबाइल नंबर
MCP कार्ड / गर्भावस्था पंजीकरण कार्ड
पति का आधार (कुछ जगह मांगा जाता है)
आवेदन कैसे करें?
नजदीकी आंगनवाड़ी केंद्र या सरकारी अस्पताल जाएं
गर्भावस्था रजिस्ट्रेशन करवाएं
फॉर्म भरें (ANM / आशा बहन मदद करेगी)
दस्तावेज जमा करें
पैसा सीधे बैंक खाते में आएगा
योजना के फायदे
गर्भावस्था में पोषण के लिए मदद
महिला को काम से आराम लेने में सहायता
सुरक्षित डिलीवरी
बच्चे के टीकाकरण को बढ़ावा
निष्कर्ष
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना गरीब और मध्यम वर्ग की गर्भवती महिलाओं के लिए बहुत महत्वपूर्ण योजना है।
इससे महिला को गर्भावस्था में आर्थिक मदद मिलती है और बच्चे का जन्म सुरक्षित तरीके से होता है।
हर गर्भवती महिला को इस योजना का लाभ जरूर लेना चाहिए।
