Prasuti Sahay Yojana 2026 (प्रसूति सहायता योजना 2026) भारत और विभिन्न राज्य सरकारों द्वारा चलाई जाने वाली एक मातृत्व (मातृ) मदद योजना है, जिसका उद्देश्य गर्भवती महिला और नवजात शिशु के स्वास्थ्य लाभ के लिए आर्थिक सहायता देना है। ये राज्य-स्तरीय योजनाएँ होती हैं जिनके तहत महिलाओं को डिलीवरी और गर्भावस्था की जरूरतों में आर्थिक मदद दी जाती है।

ध्यान दें: “प्रसूति सहायता योजना” का कोई केन्द्रीय (भारत सरकार) नाम से राष्ट्रीय स्कीम नहीं है; यह अलग-अलग राज्य सरकारों की योजना के तौर पर उपलब्ध है, जैसे मध्य प्रदेश, गुजरात, राजस्थान आदि। नीचे प्रमुख उदाहरण दिए हैं।

📌 1. मध्य प्रदेश – प्रसूति सहायता योजना

✨ उद्देश्य

गर्भवती और प्रसूत महिलाओं को सुरक्षित प्रसव और स्वास्थ्य सुविधा प्राप्त करने में मदद देना।

📊 लाभ

  • कुल ₹16,000 की आर्थिक सहायता दी जाती है।

    • पहली किस्त: ₹4,000 (गर्भावस्था के दौरान)

    • दूसरी किस्त: ₹12,000 (डिलीवरी के बाद)

  • राशि दो किश्तों में दी जाती है और इसका उपयोग इलाज, पोषण, यात्रा, जन्म-संबंधी खर्च आदि में किया जा सकता है।

📋 पात्रता

✔ गर्भवती महिला की उम्र 18 वर्ष से अधिक हो।
✔ महिला असंगठित क्षेत्र की श्रमिक हो या योजना द्वारा निर्धारित अन्य श्रेणी में आती हो।
✔ प्रसव सरकारी अस्पताल में होना चाहिए (कुछ राज्य नियम वरीय कर सकते हैं)।
✔ लाभ अधिकतम दो प्रसवों तक मान्य हो सकता है।

📌 2. गुजरात – श्रमिक प्रसूति सहायता योजना (Shramyogi/Prasuti Sahay Yojana)

यह योजना विशेषकर निर्माण श्रमिकों और पंजीकृत श्रमिकों की पत्नी/महिला श्रमिक के लिए है।

📊 लाभ (₹)

  • प्रसव से पहले: ₹17,500

  • प्रसव के बाद: ₹20,000
    ➡ कुल ₹37,500 तक सहायता (राज्य के नियम अनुसार) ।

📋 अतिरिक्त लाभ

✔ यदि महिला स्वयं श्रमिक है तो भी सहायता मिल सकती है।
✔ कुछ मामलों में miscarriage (गर्भपात) पर भी सहायता की सुविधा मिलती है (डॉक्टर सर्टिफिकेट के आधार पर)।

🧾 आवश्यक दस्तावेज

  • श्रमिक पहचान/रजिस्ट्रेशन प्रमाण

  • डॉक्टर / Mamta कार्ड / प्रसव प्रमाण

  • आधार कार्ड

  • बैंक पासबुक

  • राशन कार्ड आदि।

🟠 अन्य राज्य उदाहर

राजस्थान प्रसूति सहायता योजना

  • पुत्री के जन्म पर ₹21,000; पुत्र (बेटे) के जन्म पर ₹20,000 की आर्थिक सहायता।

मध्य प्रदेश Shramik Prasuti Yojana

  • श्रमिक महिलाओं को अलग-अलग किस्तों में प्रसूति सहायता; राशियाँ योजना वर्ष/नियमों के हिसाब से बदल सकती हैं।

📋 सामान्य पात्रता (State-wise variations हो सकते हैं)

✔ आयु: 18 वर्ष से अधिक गर्भवती महिला।
✔ राज्य/श्रमिक रजिस्ट्रेशन या पात्र श्रेणी का सदस्य होना।
✔ प्रसव सरकारी/नोडल अस्पताल में होना (कुछ राज्य में)।
✔ योजना-विशिष्ट दस्तावेज़ (आधार, श्रमिक कार्ड, बैंक विवरण आदि)।

📄 आवेदन कैसे करें?

🔹 अधिकांश राज्यों में आवेदन:

  • ऑनलाइन पोर्टल / राज्य सरकारी योजना पोर्टल के माध्यम से।

  • या नज़दीकी स्वास्थ्य केंद्र (PHC/CHC), श्रम विभाग, जिल्हा कार्यालय में आवेदन।

🔹 आवश्यक दस्तावेज़:
✔ आधार कार्ड
✔ बैंक पासबुक
✔ श्रमिक / स्वास्थ्य पंजीकरण प्रमाण
✔ गर्भावस्था/प्रसव संबंधित मेडिकल रिकॉर्ड आदि।

📌 ध्यान दें

✨ “प्रसूति सहायता योजना” एक राष्ट्रीय स्तर पर अलग-अलग लागू होने वाली कार्यक्रमों का समूह है, न कि एक ही केंद्रीकृत योजना। लाभ, राशि और पात्रता राज्य सरकार के नियमन के अनुसार बदल सकते हैं।

FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

🟢 1. प्रसूति सहायता योजना क्या है?

यह राज्य सरकारों द्वारा चलाई जाने वाली योजना है, जिसके तहत गर्भवती महिलाओं को डिलीवरी और गर्भावस्था के खर्च के लिए आर्थिक सहायता दी जाती है।

🟢 2. इस योजना का लाभ कौन ले सकता है?

  • गर्भवती महिला की उम्र 18 वर्ष या उससे अधिक हो

  • राज्य की निवासी हो

  • श्रमिक/बीपीएल/पात्र श्रेणी में आती हो (राज्य के नियम अनुसार)

  • पंजीकरण संबंधित विभाग/पोर्टल पर किया गया हो

🟢 3. कितनी राशि मिलती है?

राशि राज्य के अनुसार अलग-अलग होती है।
उदाहरण:

  • मध्य प्रदेश: लगभग ₹16,000 (दो किस्तों में)

  • गुजरात: ₹37,500 तक

  • राजस्थान: ₹20,000–₹21,000 तक

🟢 4. पैसा कितनी किस्तों में मिलता है?

आमतौर पर 2 किस्तों में
✔ पहली: गर्भावस्था के दौरान
✔ दूसरी: प्रसव के बाद

🟢 5. आवेदन कैसे करें?

  • राज्य सरकार की योजना वेबसाइट / श्रम विभाग पोर्टल पर ऑनलाइन

  • या नज़दीकी PHC / सरकारी अस्पताल / पंचायत / श्रम कार्यालय में ऑफलाइन

🟢 6. कौन-से दस्तावेज़ जरूरी हैं?

  • आधार कार्ड

  • बैंक पासबुक

  • राशन कार्ड

  • गर्भावस्था/डिलीवरी प्रमाण पत्र

  • श्रमिक कार्ड (यदि लागू हो)

🟢 7. क्या सरकारी अस्पताल में डिलीवरी जरूरी है?

अधिकांश राज्यों में सरकारी अस्पताल में डिलीवरी पर प्राथमिकता/अनिवार्यता होती है, लेकिन नियम राज्य अनुसार बदल सकते हैं।

🟢 8. कितनी बार इस योजना का लाभ मिल सकता है?

आमतौर पर अधिकतम दो प्रसव तक लाभ दिया जाता है।

🟢 9. पैसे कब तक मिल जाते हैं?

दस्तावेज़ सत्यापन के बाद आमतौर पर 30–60 दिनों में राशि बैंक खाते में ट्रांसफर होती है।

🟢 10. अगर पैसा न आए तो क्या करें?

  • बैंक खाते और आधार लिंक की जांच करें

  • संबंधित पोर्टल/कार्यालय में शिकायत दर्ज करें

  • नज़दीकी श्रम/स्वास्थ्य विभाग से संपर्क करें

🟢 11. क्या प्राइवेट अस्पताल की डिलीवरी पर लाभ मिलेगा?

कुछ राज्यों में नहीं मिलता, कुछ में सीमित शर्तों के साथ मिलता है — राज्य के नियम जरूर देखें

🟢 12. हेल्प कहाँ से लें?

  • राज्य योजना हेल्पलाइन नंबर

  • जिला स्वास्थ्य कार्यालय / श्रम कार्यालय

  • सरकारी अस्पताल / पंचायत कार्यालय