मुख्यमंत्री राजश्री योजना 2025 – Rajasthan Mukhyamantri Rajshree Yojana
परिचय (Introduction):
राजस्थान सरकार द्वारा बेटियों के जन्म और उनके संपूर्ण विकास को प्रोत्साहित करने के लिए मुख्यमंत्री राजश्री योजना शुरू की गई है। इस योजना के अंतर्गत राज्य की बालिकाओं को जन्म से लेकर 12वीं कक्षा तक की पढ़ाई पूरी होने पर ₹50,000 तक की आर्थिक सहायता दी जाती है।
उद्देश्य (Objectives)
बेटियों के जन्म को बढ़ावा देना।
बालिका शिक्षा को प्रोत्साहित करना।
लिंग अनुपात में सुधार लाना।
बाल विवाह पर रोक लगाना।
परिवार पर आर्थिक बोझ कम करना।
✅ मुख्य लाभ (Key Benefits)
जन्म से लेकर 12वीं तक बेटियों को ₹50,000 तक की सहायता।
राशि किस्तों में दी जाती है (जन्म, टीकाकरण, 1st कक्षा, 6th कक्षा, 10th व 12th पास करने पर)।
सीधे बैंक खाते में DBT के जरिए सहायता।
गरीब और पिछड़े वर्ग के परिवारों को प्राथमिकता।
शिक्षा व स्वास्थ्य दोनों क्षेत्रों में लाभ।
📄 पात्रता (Eligibility Criteria)
लाभार्थी राजस्थान राज्य की स्थायी निवासी हो।
परिवार राज्य सरकार द्वारा निर्धारित आय सीमा में आता हो।
बेटी का जन्म सरकारी या पंजीकृत निजी अस्पताल में होना चाहिए।
योजना का लाभ केवल दो बेटियों तक सीमित है।
टीकाकरण और शिक्षा नियमित होना चाहिए।
🧾 आवश्यक दस्तावेज (Required Documents)
आधार कार्ड (बच्ची और माता-पिता का)
जन्म प्रमाण पत्र
राशन कार्ड / निवास प्रमाण
बैंक पासबुक की कॉपी
मोबाइल नंबर
स्कूल का प्रमाण पत्र (शिक्षा के समय)
🛠️ आवेदन प्रक्रिया (Application Process)
🔹 ऑफलाइन आवेदन
नज़दीकी आंगनवाड़ी केंद्र / चिकित्सा संस्थान / शिक्षा विभाग से संपर्क करें।
आवेदन पत्र भरें और दस्तावेज संलग्न करें।
सत्यापन के बाद राशि सीधे बैंक खाते में जमा होगी।
🔹 ऑनलाइन आवेदन (यदि राज्य में उपलब्ध हो)
jansoochna.rajasthan.gov.in पोर्टल पर जाएँ।
योजना सेक्शन में “मुख्यमंत्री राजश्री योजना” चुनें।
आवेदन पत्र भरें और दस्तावेज अपलोड करें।
आवेदन की स्थिति ऑनलाइन ट्रैक करें।
🙋♀️ FAQs – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q1. योजना के तहत कितनी राशि मिलती है?
👉 कुल ₹50,000 तक की राशि बेटियों को किश्तों में मिलती है।
Q2. क्या यह योजना सभी बेटियों पर लागू है?
👉 हाँ, लेकिन एक परिवार में अधिकतम दो बेटियाँ ही लाभ ले सकती हैं।
Q3. राशि कब दी जाती है?
👉 जन्म, टीकाकरण और शिक्षा के विभिन्न चरणों पर।
Q4. आवेदन कहाँ करना होगा?
👉 आंगनवाड़ी, स्कूल या ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से।

